Bhajan Dhun Bhajan Dhun Bhakti. Har Din. Har Ghar.
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अध्याय १० · विभूतियोग

भगवद्गीता १०.२९ Bhagavad Gita 10.29

अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् ।
पितृणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् ॥१०.२९॥

anantaścāsmi nāgānāṃ varuṇo yādasāmaham
pitṛṇāmaryamā cāsmi yamaḥ saṃyamatāmaham

हिन्दी भावार्थ

मैं नागों में अनंत (शेषनाग), जल-जीवों में वरुण, पितरों में अर्यमा और नियम-पालन कराने वालों में यमराज हूँ।

Bhajan Dhun द्वारा नया लिखा भावार्थ — विद्वानों द्वारा समीक्षा जारी है।

संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता 10.29 (अध्याय 10, विभूतियोग, श्लोक 29)