भगवद्गीता १.२५ Bhagavad Gita 1.25
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् ।
उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥१.२५॥
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām
uvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti
हिन्दी भावार्थ
भीष्म, द्रोण और सभी राजाओं के सामने रथ रोककर श्रीकृष्ण बोले — हे पार्थ! यहाँ इकट्ठे हुए इन कौरवों को देखो।
Bhajan Dhun द्वारा नया लिखा भावार्थ — विद्वानों द्वारा समीक्षा जारी है।
संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता 1.25 (अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग, श्लोक 25)
