भगवद्गीता ७.२३ Bhagavad Gita 7.23
अन्तवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम् ।
देवान्देवयजो यान्ति मद्भक्ता यान्ति मामपि ॥७.२३॥
antavattu phalaṃ teṣāṃ tadbhavatyalpamedhasām
devāndevayajo yānti madbhaktā yānti māmapi
हिन्दी भावार्थ
पर उन कम समझ वालों का वह फल नाशवान होता है। देवताओं को पूजने वाले देवताओं को पाते हैं, और मेरे भक्त मुझे ही पाते हैं।
Bhajan Dhun द्वारा नया लिखा भावार्थ — विद्वानों द्वारा समीक्षा जारी है।
संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता 7.23 (अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग, श्लोक 23)
