भगवद्गीता ८.१३ Bhagavad Gita 8.13
ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन् ।
यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् ॥८.१३॥
omityekākṣaraṃ brahma vyāharanmāmanusmaran
yaḥ prayāti tyajandehaṃ sa yāti paramāṃ gatim
हिन्दी भावार्थ
जो "ॐ" इस एक अक्षर ब्रह्म का उच्चारण करते हुए और मेरा स्मरण करते हुए शरीर छोड़ता है, वह परम गति को प्राप्त होता है।
Bhajan Dhun द्वारा नया लिखा भावार्थ — विद्वानों द्वारा समीक्षा जारी है।
संदर्भ: श्रीमद्भगवद्गीता 8.13 (अध्याय 8, अक्षरब्रह्मयोग, श्लोक 13)
