Bhajan Dhun Bhajan Dhun Bhakti. Har Din. Har Ghar.
Sign In

गुरु (बृहस्पति) ग्रह Guru (Jupiter)

कारक: ज्ञान, गुरु, धर्म, संतान, धन, विवाह (स्त्रियों के लिए पति) और शुभ अवसर

एक नज़र में

शुभ दिन
गुरुवार
शुभ रंग
पीला
देवता / आराधना
भगवान विष्णु / बृहस्पति देव
रत्न
पुखराज (Yellow Sapphire) *
धातु
सोना
स्वराशि
धनु, मीन
उच्च राशि
कर्क
नीच राशि
मकर

* रत्न केवल अपनी पूरी कुंडली दिखाकर, अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से ही पहनें — गलत रत्न नुकसान भी कर सकता है।

मंत्र

बीज मंत्र

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

सरल मंत्र

ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥

रोज़ या गुरुवार को 108 बार (एक माला)। पूरा अनुष्ठान: 19,000 जाप — पंडित जी के मार्गदर्शन में।

🔊 नवग्रह मंत्र सुनें

कुंडली के 12 भावों में गुरु (बृहस्पति) का फल

यह आम शास्त्रीय मान्यता का सरल सार है। असली फल ग्रह की राशि, दृष्टि, बल और दशा पर निर्भर करता है — इसे पक्की भविष्यवाणी न मानें।

  1. 1
    प्रथम भाव (तनु भाव (लग्न))

    सबसे बलवान स्थिति (दिग्बल) — ज्ञानी, सम्मानित, धार्मिक और सौम्य व्यक्तित्व।

  2. 2
    द्वितीय भाव (धन भाव)

    धन-सम्पत्ति, मधुर वाणी और सुखी परिवार।

  3. 3
    तृतीय भाव (सहज / पराक्रम भाव)

    विद्वान, पर पराक्रम में थोड़ा आलस्य; भाई-बहनों का सहयोग।

  4. 4
    चतुर्थ भाव (सुख भाव)

    घर, वाहन, माता का सुख और अच्छी शिक्षा।

  5. 5
    पंचम भाव (संतान / विद्या भाव)

    संतान सुख, उच्च शिक्षा, बुद्धि और पूर्व पुण्य का फल।

  6. 6
    षष्ठ भाव (शत्रु / रोग भाव)

    शत्रुओं पर विजय, पर कर्ज़ और खान-पान का ध्यान रखें; सेवा क्षेत्र में सफलता।

  7. 7
    सप्तम भाव (विवाह / जाया भाव)

    ज्ञानी और धार्मिक जीवनसाथी; विवाह और साझेदारी के लिए शुभ।

  8. 8
    अष्टम भाव (आयु भाव)

    दीर्घायु, गुप्त विद्याओं में रुचि; विरासत से लाभ।

  9. 9
    नवम भाव (भाग्य / धर्म भाव)

    बहुत भाग्यशाली और धार्मिक; गुरु और पिता का आशीर्वाद।

  10. 10
    दशम भाव (कर्म भाव)

    सम्मानित पद; शिक्षा, कानून या धर्म से जुड़ा करियर।

  11. 11
    एकादश भाव (लाभ भाव)

    अच्छी आय, बड़े भाई-बहन और मित्रों का सहयोग, इच्छापूर्ति।

  12. 12
    द्वादश भाव (व्यय भाव)

    दान-धर्म में खर्च, आध्यात्मिक उन्नति, विदेश से जुड़ाव।

सरल उपाय

  • गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें, केले के पेड़ में जल चढ़ाएँ।
  • गुरु, शिक्षक और बड़ों का सम्मान करें।
  • पीली वस्तुओं का दान करें।

दान

चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केले (गुरुवार)

घर पर नवग्रह शान्ति पूजा विधि →

आपकी कुंडली में कौन-सा ग्रह किस भाव में है?

जन्म तिथि, समय और स्थान डालकर फ़्री कुंडली बनाएँ — हर भाव और उसमें बैठे ग्रहों का अर्थ वहीं दिखेगा।