Bhajan Dhun Bhajan Dhun Bhakti. Har Din. Har Ghar.
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शुक्र ग्रह Shukra (Venus)

कारक: प्रेम, विवाह (पुरुषों के लिए पत्नी), सुख-सुविधा, कला, संगीत, सौन्दर्य और वाहन

एक नज़र में

शुभ दिन
शुक्रवार
शुभ रंग
सफ़ेद, चमकीला, गुलाबी
देवता / आराधना
माँ लक्ष्मी
रत्न
हीरा (Diamond) या ओपल *
धातु
चाँदी
स्वराशि
वृषभ, तुला
उच्च राशि
मीन
नीच राशि
कन्या

* रत्न केवल अपनी पूरी कुंडली दिखाकर, अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से ही पहनें — गलत रत्न नुकसान भी कर सकता है।

मंत्र

बीज मंत्र

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥

सरल मंत्र

ॐ शुं शुक्राय नमः॥

रोज़ या शुक्रवार को 108 बार (एक माला)। पूरा अनुष्ठान: 16,000 जाप — पंडित जी के मार्गदर्शन में।

🔊 नवग्रह मंत्र सुनें

कुंडली के 12 भावों में शुक्र का फल

यह आम शास्त्रीय मान्यता का सरल सार है। असली फल ग्रह की राशि, दृष्टि, बल और दशा पर निर्भर करता है — इसे पक्की भविष्यवाणी न मानें।

  1. 1
    प्रथम भाव (तनु भाव (लग्न))

    आकर्षक व्यक्तित्व, कला-प्रेमी और सुख-सुविधा पसन्द।

  2. 2
    द्वितीय भाव (धन भाव)

    मधुर वाणी, धन-सम्पत्ति, अच्छा भोजन और सुखी परिवार।

  3. 3
    तृतीय भाव (सहज / पराक्रम भाव)

    कला, संगीत और डिज़ाइन में रुचि; भाई-बहनों से प्रेम।

  4. 4
    चतुर्थ भाव (सुख भाव)

    सबसे बलवान स्थिति (दिग्बल) — सुन्दर घर, वाहन, माता का सुख और सुविधाएँ।

  5. 5
    पंचम भाव (संतान / विद्या भाव)

    प्रेम सम्बन्ध, रचनात्मकता, कला की शिक्षा और संतान सुख।

  6. 6
    षष्ठ भाव (शत्रु / रोग भाव)

    सम्बन्धों में उलझन और खर्च; स्वास्थ्य (विशेषकर शुगर) का ध्यान। सेवा में सफलता।

  7. 7
    सप्तम भाव (विवाह / जाया भाव)

    सुन्दर और प्रेमपूर्ण जीवनसाथी; पर भोग-विलास में संयम ज़रूरी।

  8. 8
    अष्टम भाव (आयु भाव)

    अचानक धन, ससुराल से लाभ; गुप्त विषयों में रुचि।

  9. 9
    नवम भाव (भाग्य / धर्म भाव)

    भाग्य से सुख-सुविधा; धार्मिक कार्यों में कला से योगदान।

  10. 10
    दशम भाव (कर्म भाव)

    कला, फ़ैशन, मनोरंजन या सौन्दर्य से जुड़ा करियर।

  11. 11
    एकादश भाव (लाभ भाव)

    अच्छी आय, कला और मित्रों से लाभ।

  12. 12
    द्वादश भाव (व्यय भाव)

    शयन-सुख, विदेश यात्रा, खर्च अधिक; परोपकार में आनन्द।

सरल उपाय

  • शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा करें, सफ़ेद मिठाई का भोग लगाएँ।
  • जीवनसाथी और घर की स्त्रियों का सम्मान करें।
  • साफ़-सफ़ाई और सुगन्ध से घर का वातावरण अच्छा रखें।

दान

चावल, मिश्री, घी, सफ़ेद वस्त्र, इत्र (शुक्रवार)

घर पर नवग्रह शान्ति पूजा विधि →

आपकी कुंडली में कौन-सा ग्रह किस भाव में है?

जन्म तिथि, समय और स्थान डालकर फ़्री कुंडली बनाएँ — हर भाव और उसमें बैठे ग्रहों का अर्थ वहीं दिखेगा।