मंगल ग्रह Mangal (Mars)
कारक: साहस, ऊर्जा, भूमि-भवन, छोटे भाई, खेल, सेना-पुलिस और तकनीकी काम
एक नज़र में
- शुभ दिन
- मंगलवार
- शुभ रंग
- लाल
- देवता / आराधना
- श्री हनुमान
- रत्न
- मूँगा (Red Coral) *
- धातु
- ताँबा
- स्वराशि
- मेष, वृश्चिक
- उच्च राशि
- मकर
- नीच राशि
- कर्क
* रत्न केवल अपनी पूरी कुंडली दिखाकर, अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से ही पहनें — गलत रत्न नुकसान भी कर सकता है।
मंत्र
बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
सरल मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नमः॥
रोज़ या मंगलवार को 108 बार (एक माला)। पूरा अनुष्ठान: 10,000 जाप — पंडित जी के मार्गदर्शन में।
🔊 नवग्रह मंत्र सुनेंकुंडली के 12 भावों में मंगल का फल
यह आम शास्त्रीय मान्यता का सरल सार है। असली फल ग्रह की राशि, दृष्टि, बल और दशा पर निर्भर करता है — इसे पक्की भविष्यवाणी न मानें।
- 1प्रथम भाव (तनु भाव (लग्न))
ऊर्जावान और साहसी, पर जल्दी गुस्सा। इससे मांगलिक योग बनता है।
- 2द्वितीय भाव (धन भाव)
कड़क वाणी, परिवार में विवाद से बचें; भूमि से धन। कुछ परम्पराओं में मांगलिक माना जाता है।
- 3तृतीय भाव (सहज / पराक्रम भाव)
बहुत साहसी और पराक्रमी; खेल, सेना या पुलिस में सफलता। भाई-बहन का सहयोग।
- 4चतुर्थ भाव (सुख भाव)
भूमि-भवन का योग, पर घर में तनाव हो सकता है। मांगलिक योग बनता है।
- 5पंचम भाव (संतान / विद्या भाव)
तेज़ और प्रतियोगी बुद्धि। संतान और प्रेम के मामलों में जल्दबाज़ी न करें।
- 6षष्ठ भाव (शत्रु / रोग भाव)
शत्रु और प्रतियोगिता पर विजय, अच्छा स्वास्थ्य — शुभ स्थिति मानी जाती है।
- 7सप्तम भाव (विवाह / जाया भाव)
ऊर्जावान जीवनसाथी, दाम्पत्य में टकराव से बचें। मांगलिक योग बनता है।
- 8अष्टम भाव (आयु भाव)
अचानक घटनाएँ; चोट या दुर्घटना से सावधानी। मांगलिक योग; शोध में रुचि।
- 9नवम भाव (भाग्य / धर्म भाव)
धर्म के लिए उत्साह, पर गुरु या पिता से मतभेद सम्भव।
- 10दशम भाव (कर्म भाव)
सबसे बलवान स्थिति (दिग्बल) — प्रशासन, इंजीनियरिंग, सेना और भूमि के काम में सफलता।
- 11एकादश भाव (लाभ भाव)
आय में अच्छी वृद्धि, भूमि से लाभ, बड़े भाई-बहन का साथ।
- 12द्वादश भाव (व्यय भाव)
खर्च और गुप्त शत्रु; नींद और क्रोध पर नियन्त्रण रखें। मांगलिक योग बनता है।
सरल उपाय
- मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।
- गुस्से पर नियन्त्रण रखें, भाइयों से सम्बन्ध अच्छे रखें।
- मांगलिक योग हो तो विवाह से पहले कुंडली मिलान ज़रूर कराएँ।
दान
मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र (मंगलवार)
आपकी कुंडली में कौन-सा ग्रह किस भाव में है?
जन्म तिथि, समय और स्थान डालकर फ़्री कुंडली बनाएँ — हर भाव और उसमें बैठे ग्रहों का अर्थ वहीं दिखेगा।
