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राहु ग्रह Rahu

कारक: बड़ी महत्वाकांक्षा, विदेश, तकनीक, राजनीति, अचानक लाभ-हानि और भ्रम

एक नज़र में

शुभ दिन
शनिवार
शुभ रंग
धूसर, गहरा नीला
देवता / आराधना
माँ दुर्गा / भैरव
रत्न
गोमेद (Hessonite) *
धातु
सीसा
स्वराशि
— (छाया ग्रह)
उच्च राशि
वृषभ (कुछ मत: मिथुन)
नीच राशि
वृश्चिक (कुछ मत: धनु)

* रत्न केवल अपनी पूरी कुंडली दिखाकर, अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से ही पहनें — गलत रत्न नुकसान भी कर सकता है।

मंत्र

बीज मंत्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥

सरल मंत्र

ॐ रां राहवे नमः॥

रोज़ या शनिवार को 108 बार (एक माला)। पूरा अनुष्ठान: 18,000 जाप — पंडित जी के मार्गदर्शन में।

🔊 नवग्रह मंत्र सुनें

कुंडली के 12 भावों में राहु का फल

यह आम शास्त्रीय मान्यता का सरल सार है। असली फल ग्रह की राशि, दृष्टि, बल और दशा पर निर्भर करता है — इसे पक्की भविष्यवाणी न मानें।

  1. 1
    प्रथम भाव (तनु भाव (लग्न))

    महत्वाकांक्षी, अलग पहचान बनाने की चाह। भ्रम और अधीरता से बचें।

  2. 2
    द्वितीय भाव (धन भाव)

    वाणी में चतुराई, धन के अनोखे स्रोत; खान-पान का ध्यान रखें।

  3. 3
    तृतीय भाव (सहज / पराक्रम भाव)

    बहुत साहसी; मीडिया और तकनीक में सफलता — राहु के लिए शुभ स्थिति।

  4. 4
    चतुर्थ भाव (सुख भाव)

    घर और मन में अशान्ति, बार-बार स्थान परिवर्तन।

  5. 5
    पंचम भाव (संतान / विद्या भाव)

    तेज़ पर अलग सोच वाली बुद्धि; प्रेम और शेयर-सट्टे में सावधानी।

  6. 6
    षष्ठ भाव (शत्रु / रोग भाव)

    शत्रुओं पर विजय, प्रतियोगिता में सफलता — शुभ स्थिति।

  7. 7
    सप्तम भाव (विवाह / जाया भाव)

    जीवनसाथी अलग पृष्ठभूमि का हो सकता है; साझेदारी में सावधानी।

  8. 8
    अष्टम भाव (आयु भाव)

    अचानक घटनाएँ, गुप्त विद्याओं में रुचि; स्वास्थ्य और जोखिम में सावधानी।

  9. 9
    नवम भाव (भाग्य / धर्म भाव)

    परम्पराओं पर सवाल, विदेश यात्रा; गुरु या पिता से मतभेद सम्भव।

  10. 10
    दशम भाव (कर्म भाव)

    तेज़ करियर उन्नति; राजनीति, तकनीक या विदेशी कम्पनी में सफलता।

  11. 11
    एकादश भाव (लाभ भाव)

    बड़ा लाभ, बड़ा मित्र-मण्डल — शुभ स्थिति।

  12. 12
    द्वादश भाव (व्यय भाव)

    विदेश से जुड़ाव, खर्च, नींद की कमी; ध्यान-साधना लाभ देती है।

सरल उपाय

  • माँ दुर्गा की आराधना करें, दुर्गा चालीसा पढ़ें।
  • नशे, झूठ और शॉर्टकट से दूर रहें।
  • शनिवार को काले तिल या कम्बल का दान करें।

दान

काले तिल, नारियल, कम्बल, जौ (शनिवार)

घर पर नवग्रह शान्ति पूजा विधि →

आपकी कुंडली में कौन-सा ग्रह किस भाव में है?

जन्म तिथि, समय और स्थान डालकर फ़्री कुंडली बनाएँ — हर भाव और उसमें बैठे ग्रहों का अर्थ वहीं दिखेगा।